विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम प्रधान संगठन ने दिया ज्ञापन 

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झांसी। ग्राम प्रधानों के अधिकारों को लेकर राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम संम्बोधित 18 सूत्रीय मांगो से भरा ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। साथ ही उक्त में मांगों को शीध्र पूरा करने की मांग की गई।
राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के तत्वाधान में सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम संम्बोधित 18 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि गा्रम पंचायत क्षेत्र के अन्दर हाट, बाजार, पशु बाजार लगवाना, तहबाजारी, बयाई का ठेका, वसूलने का अधिकार ग्राम पंचायत को होना चाहिए। ग्राम पंचायत के अभिलेखों का प्रधान के समक्ष प्रस्तुतिकरण हो। ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की उपस्थिति पंजीका का रखरखाव का अधिकार पूर्ण रूप से ग्राम पंचायत का होना चाहिए। बताया कि 73वें संविधान संशोधन के अंतर्गत ग्राम प्रधानों को जो अधिकार दिए गए हैं वह ग्राम प्रधानों को नहीं मिल पा रहे हैं उन्हें पूर्ण रूप से लागू किया जाए, 8 अक्टूबर 2001 को 14 शासनादेश तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जारी किए थे। वह शासनादेश आज तक लागू नहीं हुए। वर्तमान में जो ग्राम प्रधानों का अधिकारों का अहित हो रहा है उस पर सरकार को गंभीरता से विचार कर प्रधानों को उनके अधिकार पूर्ण रूप से देने चाहिए। इस दौरान मण्डल अध्यक्ष प्रदीप यादव टाडा, उपाध्यक्ष भवानी सिंह मिनी, जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार परिहार, परमवीर सिंह, पन्नालाल पटेल, पुष्पेन्द्र सिंह, आशीष यादव, सिद्वार्थ गौतम, जय प्रकाश, मोनू प्रधान आदि मौजूद रहे।

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  1. I quite like cooking manfaat obat viagra These high-tax years — for the rich — should have been a time of economic calamity. At least according to the critics of progressive income taxation. But real life proved these critics wrong. Commerce did not cease when the tax code levied steeply graduated rates on U.S. incomes. The wealthy did not flee. The entrepreneurial spirit did not evaporate.

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